केरल के बेक्स कृष्णन को सितंबर 2012 में सुदानीस लड़के की मौत का कारण बनने की वजह से मृत्युदंड मिला था।
नई दिल्ली : हत्या के जुर्म में 9 साल की सज़ा काटने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे भारतीय मूल के बेक्स कृष्णन को बचा लिया गया है। यह सब एक भारतीय मूल के व्यवसाई के कारण संभव हो पाया जो इस समय अबु धाबी में स्थित है।
केरल के रहने वाले बेक्स कृष्णन को सितंबर 2012 में सुदानीस मूल के लड़के की मौत का कारण बनने की वजह से मृत्युदंड मिला था। कृष्णन की रिहाई लुलु ग्रूप के अध्यक्ष यूसुफ़ अली के हस्तक्षेप के बाद सुनिश्चित हो पाई है। दुबई के अख़बार ‘ख़लीज टाइम्स’ के अनुसार यूसुफ़ अली ने न्यायालय में 50,000 दिरहम की धनराशि मुआवज़े के तौर पर जमा करवाई ताकि कृष्णन की रिहाई सुनिश्चित की जा सके।
कृष्णन बीते मंगलवार को अबु धाबी से रवाना हुए व बुधवार की सुबह सुरक्षित भारत पहुंच गए।
त्रिशूर जिले के रहने वाले कृष्णन ने कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद कहा “यह मेरे लिए नए जीवन जैसा है। मैं बहुत ख़ुश हूँ। मैं युसूफ अली की वजह से घर वापस आ पाया हूं। जब से उन्होंने मेरे मामले में हस्तक्षेप किया, मेरे जीवन में एक नई उम्मीद जग आई थी।”
कृष्णन की पत्नी वीणा और पुत्र अद्वैत की मौजूदगी में एयरपोर्ट का माहौल बहुत भावुक था। उनका परिवार 2012 से ही कृष्णन को भारत वापिस लाने का प्रयास कर रहा था लेकिन सफ़लता हाथ नहीं लग रही थी। इसके बाद परिवार ने यूसुफ़ अली से संपर्क साधा जिन्होंने सुदान से पीड़ित के परिवार को बुलाकर उन्हें मुआवज़े के लिए राज़ी किया।
कृष्णन की रिहाई के बाद यूसुफ़ अली ने कहा, “मैं यहां सदक़ा करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। आदमी की जान को पैसों से नहीं मोला जा सकता। कृष्णन अब अपने परिवार के साथ हैं और यह बहुत ख़ुशी की बात है।”
